February 8, 2026

JANTA TIMES TODAY

सच की हद तक

तीन लोकसेवक गिरफ्तार, करोड़ों के फर्जीवाड़े का पर्दाफाश

ACB-EOW ने तत्कालीन पटवारी दिनेश पटेल, लेखराम देवांगन और बसंती घृतलहरे को दबोचा; सरकारी खजाने को लगाई करोड़ों की चपत

जनता टाईम्स टूडे ।

 

      रायपुर। भारतमाला परियोजना घोटाले में बड़ी कार्रवाई: तीन लोकसेवक गिरफ्तार, करोड़ों के फर्जीवाड़े का पर्दाफाश. छत्तीसगढ़ की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना में मुआवजा राशि के बड़े घोटाले का पर्दाफाश करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने आज, 29 अक्टूबर 2025 को तीन लोकसेवकों को गिरफ्तार किया है। इन तीनों पर आरोप है कि उन्होंने रायपुर-विशाखापट्टनम प्रस्तावित इकॉनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में भूमाफियाओं के साथ मिलकर करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा किया।

       गिरफ्तार किए गए आरोपियों में तत्कालीन पटवारी नायकबांधा दिनेश पटेल, तत्कालीन पटवारी टोकरो लेखराम देवांगन और तत्कालीन पटवारी भेलवाडीह बसंती घृतलहरे शामिल हैं। इन पर वर्ष 2020 से 2024 के बीच भूमि अधिग्रहण में गंभीर अनियमितताएं करने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और सरकारी खजाने को आर्थिक हानि पहुंचाने का आरोप है।भारतमाला परियोजना घोटाले में बड़ी कार्रवाई: तीन लोकसेवक गिरफ्तार

सरकारी जमीन दोबारा सरकार को बेचने का खेल

       ब्यूरो में दर्ज अपराध क्रमांक 30/2025 के अनुसार, इन लोकसेवकों ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने शासन द्वारा पहले से अधिग्रहित भूमि को दोबारा सरकार को ही बेचने जैसी गंभीर गड़बड़ी की।भारतमाला परियोजना घोटाले में बड़ी कार्रवाई: तीन लोकसेवक गिरफ्तार

फर्जी बंटवारे, नामांतरण और गलत व्यक्ति को मुआवजा

      आरोपियों ने भू-अर्जन प्रकरणों में बैक डेट में बंटवारा और नामांतरण के फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इतना ही नहीं, असली भूमि स्वामियों के स्थान पर अन्य व्यक्तियों को मुआवजा राशि दिलवाई गई। कई मामलों में निजी भूमि को भी गलत तरीके से अधिग्रहित दिखाकर मुआवजा प्राप्त किया गया। आरोपियों ने कई बड़े भूखंडों को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर अलग-अलग नामों से करोड़ों रुपये की मुआवजा राशि हड़पने की सुनियोजित साजिश रची। इस पूरे फर्जीवाड़े में सरकारी पद का दुरुपयोग कर निजी लाभ कमाने का खुलासा हुआ है।भारतमाला परियोजना घोटाले में बड़ी कार्रवाई: तीन लोकसेवक गिरफ्तार

उच्च न्यायालय से रोक हटने के बाद गिरफ्तारी

       इन पटवारियों के खिलाफ विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम), रायपुर द्वारा पूर्व में वारंट जारी किए गए थे, जिसके बाद उद्घोषणा और कुर्की की कार्यवाही के आदेश भी दिए गए थे। हालांकि, आरोपियों ने उच्च न्यायालय से अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगवा ली थी। लेकिन 28 अक्टूबर 2025 को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी पर लगी रोक हटाए जाने के तुरंत बाद, एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम ने आज तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार लोकसेवकों को रायपुर स्थित विशेष न्यायालय में पेश किया गया है, जहां न्यायिक कार्यवाही जारी है।भारतमाला परियोजना घोटाले में बड़ी कार्रवाई: तीन लोकसेवक गिरफ्तार

अन्य आरोपी फरार, तलाश जारी

       ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकरण में कुछ अन्य लोकसेवक और निजी व्यक्ति अभी भी फरार हैं। इनकी तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी और संपत्ति कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।भारतमाला परियोजना घोटाले में बड़ी कार्रवाई: तीन लोकसेवक गिरफ्तार।

 

       उल्लेखनीय है कि इस घोटाले में पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। 13 अक्टूबर 2025 को 10 आरोपियों — जिनमें दो लोकसेवक शामिल थे — के विरुद्ध प्रथम अभियोग पत्र (चार्जशीट) विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है। ब्यूरो का कहना है कि यह मामला केवल भूमि अधिग्रहण की अनियमितताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें बड़े पैमाने पर दस्तावेजी जालसाजी, सरकारी अभिलेखों में हेरफेर और मुआवजा राशि की फर्जी निकासी जैसी संगठित धोखाधड़ी शामिल है।भारतमाला परियोजना घोटाले में बड़ी कार्रवाई: तीन लोकसेवक गिरफ्तार ।

 

       विभाग का कहना है कि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियों को रोकने के लिए भू-अर्जन प्रक्रिया में डिजिटल सत्यापन प्रणाली और तीसरे पक्ष के ऑडिट की व्यवस्था लागू की जाएगी। एसीबी और ईओडब्ल्यू की आगे की जांच जारी है, और ब्यूरो ने जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर चार्जशीट के अगले चरण में शामिल करने का दावा किया है।भारतमाला परियोजना घोटाले में बड़ी कार्रवाई: तीन लोकसेवक गिरफ्तार